Suzlon Energy: कर्ज मुक्त होकर मुनाफे की ओर अग्रसर
भारत की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी, सुजलोन एनर्जी, ने हाल के वर्षों में वित्तीय संकटों से उबरते हुए अपने कारोबार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। कर्ज मुक्त होने के बाद अब कंपनी मुनाफे की ओर अग्रसर है, और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने इसमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
कर्ज मुक्त होने की दिशा में सुजलोन की यात्रा
2020 में सुजलोन एनर्जी का शुद्ध घाटा ₹2,692 करोड़ था, लेकिन कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार करते हुए 2024 में ₹660 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया। कंपनी ने अपने कर्ज को ₹9,685 करोड़ से घटाकर ₹110 करोड़ तक ला दिया, जिससे उसकी बैलेंस शीट मजबूत हुई है।-
मुनाफे में अभूतपूर्व वृद्धि
2024-25 की दूसरी तिमाही (Q2 FY25) में सुजलोन ने ₹2,093 करोड़ की आय और ₹201 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही से 96% अधिक था। तीसरी तिमाही (Q3 FY25) में कंपनी ने ₹2,969 करोड़ की आय और ₹388 करोड़ का शुद्ध लाभ प्राप्त किया, जो 91% की वृद्धि दर्शाता है।
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और रणनीतिक साझेदारियाँ
कंपनी की ऑर्डर बुक अब 5.1 GW तक पहुँच गई है, जिसमें NTPC ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से 1,166 MW का ऑर्डर शामिल है। इसके अलावा, सुजलोन ने JSP ग्रीन विंड 1 प्राइवेट लिमिटेड से 400 MW का ऑर्डर प्राप्त किया है। कंपनी ने Renom Energy Services में 76% हिस्सेदारी भी खरीदी है, जो भारत की सबसे बड़ी मल्टी-ब्रांड ऑपरेशंस और मेंटेनेंस सर्विस कंपनी है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बढ़ती रुचि
हाल के महीनों में FII ने सुजलोन एनर्जी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जो कंपनी के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और बढ़ती ऑर्डर बुक इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।
भविष्य की दिशा और संभावनाएँ
कंपनी की योजना अगले दो वर्षों में 3.8 GW की डिलीवरी करने की है, और FY27 तक 8-9 GW की क्षमता स्थापित करने की है। इसके लिए सुजलोन अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा रही है, जिसमें दमन और पुडुचेरी संयंत्रों का विस्तार शामिल है। साथ ही, कंपनी की रणनीति उच्च गुणवत्ता वाले ऑर्डरों पर ध्यान केंद्रित करने और समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने की है।

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